Sunday, March 1, 2026

ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी पर राष्ट्रपति डोनल्ड जे. ट्रंप का वक्तव्य

Department of State United States of America

अनुवादअमेरिकी विदेश विभाग केसौजन्य से



व्हाइट हाउस
डोनल्ड ट्रंप व्लॉग
मार्च 01, 2026

पिछले 36 घंटों में, अमेरिका और उसके साझेदारों ने 'ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी' आरंभ किया है, जो दुनिया का अब तक का सबसे बड़े, सबसे जटिल और सबसे व्यापक सैन्य आक्रामक अभियानों में से एक है। किसी ने भी पहले कभी ऐसा कुछ नहीं देखा है।

हमने ईरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) के ठिकानों और हवाई रक्षा प्रणालियों सहित सैकड़ों लक्ष्यों को निशाना बनाया है। अभी-अभी यह घोषणा की गई है कि हमने उनके नौ जहाज़ों और उनके नौसेना परिसर को नष्ट कर दिया है। ये सब बस कुछ ही मिनटों के भीतर।

पूर्व ईरानी सर्वोच्च नेता, आयतुल्ला ख़ामेनेई, मर चुका है। इस दुष्ट और घृणित व्यक्ति के हाथ सैकड़ों, यहां तक कि हज़ारों अमेरिकियों के ख़ून से सने थे, और वह अनेक देशों में असंख्य बेगुनाह लोगों के क़त्लेआम के लिए ज़िम्मेदार था।

कल रात, उसकी मृत्यु की घोषणा होने पर, पूरे ईरान में सड़कों पर जश्न मनाते और खुशियां मनाते ईरानी लोगों की आवाज़ें सुनी जा सकती थीं। पूरी सैन्य कमान भी ख़त्म हो चुकी है, और उनमें से कई अपनी जान बचाने के लिए आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। वे अभयदान चाहते हैं। हज़ारों की संख्या में वे कॉल कर रहे हैं।

इस समय सैन्य अभियान पूरी ताक़त के साथ जारी है, और तब तक जारी रहेगा जब तक कि हमारे सारे उद्देश्य हासिल नहीं हो जाते। हमारे उद्देश्य बहुत ठोस हैं। वे दो सप्ताह पहले कुछ कर सकते थे, लेकिन वे उस अवसर का लाभ नहीं उठा सके।

आज सुबह, सेंटकॉम (सेंट्रल कमान) ने बताया कि हमारे तीन अमेरिकी सैन्यकर्मी जंग लड़ते हुए मारे गए हैं। एकजुट राष्ट्र के रूप में, हम उन सच्चे अमेरिकी देशभक्तों के लिए शोक व्यक्त करते हैं जिन्होंने हमारे राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। जिस न्यायपूर्ण मिशन के लिए उन्होंने अपनी जान दी, उसे जारी रखते हुए, हम घायलों के पूरी तरह ठीक होने की प्रार्थना करते हैं और शहीदों के परिवारों के प्रति अपना अपार प्रेम और अनंत कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

दुर्भाग्यवश, संभव है शहीद सैनिकों की संख्या बढ़े। युद्ध के समाप्त होने तक, यही वास्तविकता है। शायद संख्या बढ़ेगी। फिर भी, हम हरसंभव कोशिश करेंगे कि ऐसा न हो। अमेरिका उनकी मौत का बदला लेगा और उन आतंकवादियों को कठोरतम दंड देगा, जिन्होंने दरअसल सभ्यता के ख़िलाफ़ जंग छेड़ी है। उन्होंने पूरी सभ्यता के ख़िलाफ़ जंग छेड़ी है। हमारा संकल्प, और इसी तरह इज़रायल का भी संकल्प, पहले से कहीं अधिक दृढ़ है।

अमेरिका अब फिर से दुनिया का सबसे अमीर और सबसे शक्तिशाली राष्ट्र है, वो भी बड़े अंतर से। लेकिन हम जिस जीवनस्तर का आनंद लेते हैं और हमें जितनी स्वतंत्रता एवं सुरक्षा हासिल है, उसका एकमात्र कारण यह है कि हमने वह काम किए हैं जिन्हें दूसरे करने में असमर्थ हैं। यह उन योद्धाओं के कारण है जो हमारे दुश्मनों से युद्ध करने के लिए अपनी जान न्योछावर करने को तैयार रहते हैं। और वे किसी भी अन्य की तुलना में बेहतर युद्ध करते हैं।

लंबी दूरी की मिसाइलों और परमाणणु हथियारों से लैस ईरानी शासन हर अमेरिकी के लिए एक बड़ा ख़तरा होगा। हम ऐसे देश को, जो आतंकवादी सेनाएं खड़ी करता है, ऐसे हथियार रखने की इजाज़त नहीं दे सकते जो उनके बुरे मकसद के लिए दुनिया डराने-धमकाने के काम आ सके। हम अपने साथ ऐसा नहीं होने दे रहे हैं, और हम दूसरों के साथ भी ऐसा नहीं होने देंगे।

अमेरिका के पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है। अपने पहले कार्यकाल में मैंने हमारी सेना का पुनर्निर्माण किया था। हमारे पास जैसी सेना है, वैसी पहले कभी नहीं रही। और सच कहूं तो, दूसरा कोई उसके आसपास भी नहीं है। लेकिन अब हम इस सेना का उपयोग अच्छे उद्देश्य के लिए कर रहे हैं। हम इसे अच्छे उद्देश्यों के लिए तैयार रखना चाहते हैं। यह व्यापक अभियान केवल मौजूदा दौर और स्थान की सुरक्षा के लिए नहीं है, बल्कि हमारे बच्चों और उनकी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है—जैसा हमारे पूर्वजों ने हमारे लिए किया था। यही एक स्वतंत्र समाज का फ़र्ज़ और ज़िम्मेदारी है।

ये कदम उचित हैं और आवश्यक भी, ताकि अमेरिकियों को कभी भी परमाणु हथियारों से लैस किसी कट्टरपंथी, रक्तपिपासु आतंकवादी शासन का सामना न करना पड़े।

लगभग 50 वर्षों से ये दुष्ट चरमपंथी "अमेरिका मुर्दाबाद" या "इज़रायल मुर्दाबाद" या ये दोनों नारे लगाते हुए अमेरिका पर हमले करते रहे हैं। वे आतंकवाद के दुनिया के सबसे बड़े राज्य प्रायोजक हैं। हम दुनिया के महानतम और सबसे शक्तिशाली राष्ट्र हैं, इसलिए हम उनके कृत्यों का उत्तर देने में सक्षम हैं। ये असहनीय धमकियां अब और नहीं चलेंगी।

मैं एक बार फिर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, सेना, पुलिस का आह्वान करता हूं कि वे अपने हथियार डाल दें और पूर्ण अभयदान पाएं, या निश्चित मौत का सामना करें। ये निश्चित है उनकी मौत होगी। भयावह मौत। मैं आज़ादी की आकांक्षा रखने वाले सभी ईरानी देशभक्तों से कहता हूं कि वे इस पल का फ़ायदा उठाएं, बहादुर बनें, साहसी बनें, वीर बनें, और अपना देश फिर से अपने हाथों में लें। अमेरिका आपके साथ है। मैंने आपसे एक वादा किया था, और मैंने वह वादा निभाया। बाकी अब आप पर निर्भर है, लेकिन हम मदद के लिए वहां मौजूद रहेंगे।

धन्यवाद। भगवान हमारे ज़बरदस्त योद्धाओं पर कृपा करें, और भगवान अमेरिका पर कृपा करें। धन्यवाद।


मूल स्रोत: https://rollcall.com/factbase/trump/transcript/donald-trump-vlog-iran-attack-update-march-1-2026/

अस्वीकरण: यह अनुवाद शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेज़ी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।


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