Saturday, February 28, 2026

ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका के सैन्य अभियान पर राष्ट्रपति डोनल्ड जे. ट्रंप का वक्तव्य

Department of State United States of America

अनुवादअमेरिकी विदेश विभाग केसौजन्य से



कुछ देर पहले, अमेरिकी सेना ने ईरान में बड़े युद्धक अभियानों की शुरुआत की है। हमारा उद्देश्य ईरानी शासन – जो बेहद क्रूर और भयानक लोगों का समूह है – से उत्पन्न आसन्न ख़तरों को समाप्त करके अमेरिकी लोगों की रक्षा करना है। उसकी ख़तरनाक गतिविधियां सीधे तौर पर अमेरिका, हमारे सैनिकों, हमारे विदेशी ठिकानों और दुनिया भर में हमारे सहयोगी देशों को ख़तरे में डालती हैं।

पिछले 47 वर्षों से ईरानी शासन "अमेरिका मुर्दाबाद" के नारे लगाता रहा है और अमेरिका, हमारे सैनिकों तथा अनेक देशों में निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाते हुए निरंतर ख़ून-ख़राबे और सामूहिक हत्याओं का अभियान चलाता रहा है। इस शासन के शुरुआती कृत्यों में से एक था तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास पर हिंसक क़ब्ज़े का समर्थन करना, जहां दर्जनों अमेरिकी नागरिकों को 444 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया।

1983 में, ईरान से जुड़े तत्वों ने बेरूत में मरीन सैनिकों के बैरकों पर बम हमला किया, जिसमें 241 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई। वर्ष 2000 में, उन्हें यूएसएस कोल पर हुए हमले की जानकारी थी और संभवतः उसमें वो शामिल भी थे। उस हमले में अनेक लोग मारे गए। ईरानी बलों ने इराक़ में सैकड़ों अमेरिकी सैनिकों की हत्या की और अनेक को घायल तथा अपंग बनाया।

हाल के वर्षों में, इस शासन से जुड़े तत्व मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैन्य बलों, साथ ही अमेरिकी नौसैनिक एवं वाणिज्यिक जहाज़ों तथा अंतरराष्ट्रीय नौवहन के विरुद्ध अनगिनत हमले करते रहे हैं।

यह व्यापक आतंक का सिलसिला रहा है, और हम इसे अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे। लेबनान से लेकर यमन तक और सीरिया से इराक़ तक, इस शासन ने आतंकवादी गुटों को हथियार, प्रशिक्षण और पैसे दिए हैं, जिन्होंने धरती को ख़ून और तबाही से सराबोर कर दिया है। और ईरान समर्थित हमास ने ही 7 अक्टूबर को इज़रायल पर वह भयावह हमला किया था, जिसमें 46 अमेरिकियों समेत 1,000 से अधिक बेगुनाह लोग मारे गए, और हमारे 12 नागरिकों को बंधक बना लिया गया।

यह नृशंस हमला था। ऐसा दृश्य दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा था। ईरान दुनिया में आतंकवाद का सबसे बड़ा राज्य प्रायोजक है और हाल ही में उसने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे अपने ही हज़ारों नागरिकों को मार डाला। अमेरिका की, विशेषकर मेरे प्रशासन की, सदैव यह नीति रही है कि इस आतंकवादी शासन को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दिया जा सकता।

मैं इस बात को फिर से कहता हूं—उन्हें कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दिया जा सकता। इसी कारण पिछले जून में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत हमने फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान में इस शासन के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उस हमले के बाद, हमने उन्हें परमाणु हथियार हासिल करने की अपनी दुर्भावनापूर्ण कोशिशों को कभी दोबारा शुरू न करने की चेतावनी दी थी, और हमने बार-बार समझौता करने की कोशिश की।

हमने कोशिश की। वे समझौता करना चाहते थे। वे समझौता नहीं करना चाहते थे। फिर से, वे करना चाहते थे। वे नहीं करना चाहते थे। उन्हें नहीं पता था कि क्या हो रहा है। वे बस अपने बुरे कृत्य करना चाहते थे। तो ईरान ने इनकार कर दिया, जैसा कि वह दशकों से करते आ रहा है। उन्होंने अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़ने के हर अवसर को ठुकरा दिया, और अब हम इसे और अधिक बर्दाश्त नहीं कर सकते।

इसके बजाय, उन्होंने अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा खड़ा करने का प्रयास किया और लंबी दूरी की मिसाइलों का विकास जारी रखा, जो अब यूरोप में हमारे अत्यंत निकट मित्रों और सहयोगी देशों, विदेशों में तैनात हमारे सैनिकों को ख़तरे में डाल सकती हैं और शीघ्र ही अमेरिकी मुख्यभूमि तक पहुंच सकती हैं। ज़रा सोचिए, यदि इस शासन के पास वास्तव में परमाणु हथियार होते – उनके माध्यम से अपना संदेश देने के लिए – तो वह कितना अधिक दुस्साहसी हो जाता।

इन कारणों से, अमेरिकी सेना ने इस अत्यंत दुष्ट और कट्टरपंथी तानाशाही शासन को अमेरिका तथा हमारे मूल राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के लिए ख़तरा बनने से रोकने के वास्ते एक व्यापक और लगातार जारी अभियान शुरू किया है। हम उनकी मिसाइलों को नष्ट करेंगे और उनके मिसाइल उद्योग को नेस्तनाबूद कर देंगे। उसे पूरी तरह, एक बार फिर, ध्वस्त कर दिया जाएगा।

हम उनकी नौसेना को नेस्तनाबूद करेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उस क्षेत्र में सक्रिय उनसे जुड़े आतंकवादी संगठन अब क्षेत्र या दुनिया को अस्थिर न कर सकें और हमारी सेनाओं पर हमला न कर सकें और अपने आईईडी, जिन्हें सड़क किनारे रखे जाने वाले बमों के रूप में भी जाना जाता है, का इस्तेमाल कर हज़ारों लोगों – जिनमें अनेक अमेरिकी भी शामिल हैं – को गंभीर रूप से घायल न कर सकें या उनकी जान नहीं ले सकें।

और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाए। यह एक अत्यंत सरल संदेश है। वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं हासिल कर पाएंगे। इस शासन को जल्दी ही सबक मिल जाएगा कि अमेरिका की सशस्त्र सेनाओं की शक्ति और सामर्थ्य को कोई चुनौती नहीं दे सकता।

मैंने अपने पहले प्रशासन के दौरान हमारी सेना का निर्माण और पुनर्निर्माण किया, और धरती पर कोई भी सैन्य बल उसकी शक्ति, क्षमता या तकनीकी उत्कृष्टता के आसपास भी नहीं है।

मेरे प्रशासन ने उस क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों के जोखिम को कम करने के लिए हरसंभव क़दम उठाया है। इसके बावजूद – और मैं यह बात हल्के में नहीं कह रहा हूं – ईरानी शासन हत्या करना चाहता है। साहसी अमेरिकी वीरों की जान जा सकती है, और हमें हताहतों का सामना करना पड़ सकता है। युद्ध में अक्सर ऐसा होता है, लेकिन हम यह वर्तमान के लिए नहीं कर रहे हैं।

हम यह भविष्य के लिए कर रहे हैं, और यह एक नेक मिशन है। हम हर सैनिक के लिए प्रार्थना करते हैं, जो निःस्वार्थ भाव से अपनी जान जोखिम में डालते हुए यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अमेरिका को और हमारे बच्चों को परमाणु हथियारों से लैस ईरान से कभी कोई ख़तरा न हो। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे हमारे सभी वीरों को ख़तरों से बचाएं, और हमें विश्वास है कि उनकी सहायता से हमारी सशस्त्र सेनाओं के पुरुष और महिला विजयी होंगे।

हमारे पास विश्व की सर्वश्रेष्ठ सेनाएं हैं, और वे अवश्य विजयी होंगी। आज रात मैं ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड, सशस्त्र बलों और समस्त पुलिस बल के सदस्यों का आह्वान करता हूं कि आप अपने हथियार डाल दें और पूर्ण अभयदान प्राप्त करें, वरना आपकी मौत निश्चित है। तो अपने हथियार डाल दें। पूर्ण अभयदान देते हुए आपके साथ न्यायसंगत व्यवहार किया जाएगा, वरना आपकी मौत निश्चित है।

अंत में, ईरान के महान और गौरवशाली नागरिकों से मैं आज रात यह कहूंगा कि आपकी आज़ादी का क्षण बिल्कुल क़रीब है। सुरक्षित स्थानों पर रहें। अपने घरों से बाहर न निकलें। बाहर स्थिति बहुत ख़तरनाक है। हर ओर बमबारी होगी। हमारा अभियान समाप्त होने के बाद आप अपनी सरकार की कमान संभाल लें। आपके हाथों में ये मौक़ा होगा। संभवतः पीढ़ियों में आपको मिलने वाला एकमात्र मौक़ा।

कई वर्षों से आपने अमेरिका से सहायता की अपेक्षा की, जो आपको कभी नहीं मिली। कोई भी राष्ट्रपति वो काम करने को तैयार नहीं था, जो मैं आज रात करने जा रहा हूं। अब आपके समक्ष एक ऐसा राष्ट्रपति है जो आपके मन की मुराद पूरी कर रहा है, तो अब देखना ये है कि आपकी प्रतिक्रिया कैसी रहती है। अमेरिका पूरी ताक़त और विनाशकारी बल के साथ आपका समर्थन कर रहा है। यह अपनी क़िस्मत की बागडोर अपने हाथों में लेने और उस समृद्ध एवं गौरवशाली भविष्य को साकार करने का समय है, जो आपकी पहुंच के भीतर है।

यह कार्रवाई का क्षण है। इसे हाथ से न जाने दें। ईश्वर अमेरिका के सशस्त्र बलों के बहादुर पुरुषों और महिलाओं पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। ईश्वर अमेरिका पर कृपा करें। आप सभी पर ईश्वर का आशीर्वाद बना रहे। धन्यवाद।


मूल स्रोत: https://rollcall.com/factbase/trump/transcript/donald-trump-vlog-iran-attack-announcement-february-28-2026/ 

अस्वीकरण: यह अनुवाद शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेज़ी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।


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