Wednesday, February 11, 2026

फ़ैक्ट शीट: अमेरिका और भारत ने ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा की

Department of State United States of America

अनुवादअमेरिकी विदेश विभाग केसौजन्य से



व्हाइट हाउस
फ़रवरी 9, 2026

पारस्परिक व्यापार सुनिश्चित करना: पिछले शुक्रवार को एक संयुक्त वक्तव्य में, राष्ट्रपति डोनल्ड जे. ट्रंप ने अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते की घोषणा की, जो 1.4 अरब से अधिक लोगों के भारतीय बाज़ार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोल देगा।

  • शुक्रवार का संयुक्त वक्तव्य राष्ट्रपति ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच पिछले सप्ताह फ़ोन पर हुई बातचीत के बाद आया है। इस बातचीत में दोनों नेता पारस्परिक व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमत हुए और उन्होंने व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर वार्ताओं के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
  • इसी बातचीत के दौरान, रूस से तेल की खरीद बंद करने की भारत की प्रतिबद्धता को देखते हुए, राष्ट्रपति ट्रंप भारत से होने वाले आयात पर अतिरिक्त 25% शुल्क हटाने पर सहमत हुए। तदनुसार, राष्ट्रपति ने पिछले शुक्रवार को उस अतिरिक्त 25% शुल्क को हटाने वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए।
  • द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में प्रणालीगत असंतुलन दूर करने और साझा राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए अमेरिका के साथ तालमेल बिठाने की भारत की इच्छा को देखते हुए, अमेरिका भारत पर लगे पारस्परिक शुल्क को 25% से घटाकर 18% कर देगा।
  • समझौते की प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:
    • भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या कम करेगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेंस (डीडीजी), लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताज़े और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स तथा अन्य कई उत्पाद शामिल हैं।
    • भारत ने अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने और अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कोयला और अन्य उत्पादों के रूप में 500 अरब डॉलर से अधिक की खरीद करने का इरादा व्यक्त किया है।
    • भारत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करेगा।
    • अमेरिका और भारत उत्पादों के मूल स्थान संबंधी नियम निर्धारित करने के लिए बातचीत करेंगे, ताकि समझौते में बनी सहमति के लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही प्राप्त हों।
    • भारत ने ठोस द्विपक्षीय डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है, जो भेदभावपूर्ण या बोझिल प्रथाओं तथा डिजिटल व्यापार की अन्य बाधाओं को दूर करेंगे।
    • अमेरिका और भारत आर्थिक सुरक्षा मामलों में तालमेल को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि सप्लाई चेन की दृढ़ता और नवाचार को बढ़ाया जा सके। इसके लिए तीसरे पक्ष की गैर-बाज़ार नीतियों से निपटने के लिए पूरक कदम उठाए जाने के साथ ही निवेश के अंतर्गामी और बहिर्गामी प्रवाह की समीक्षा तथा निर्यात नियंत्रण के विषयों पर सहयोग किया जाएगा।
    • अमेरिका और भारत प्रौद्योगिकी उत्पादों में द्विपक्षीय व्यापार को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएंगे और संयुक्त प्रौद्योगिकी सहयोग का विस्तार करेंगे।

समृद्धि की आगे की राह:  राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी जनता के हितों को आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी निर्यातकों के लिए बाज़ार तक पहुंच को सुदृढ़ करना और शुल्क एवं गैर-शुल्क बाधाओं को कम करना जारी रखे हुए हैं, ताकि हमारी आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा की जा सके।

  • भारत ने दुनिया की किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में अमेरिका पर सर्वाधिक शुल्क लगा रखे हैं, जिसमें कृषि वस्तुओं पर औसत 37% और कुछ वाहनों पर 100% से भी अधिक शुल्क शामिल हैं।
  • भारत का अत्यधिक संरक्षणवादी गैर-शुल्क बाधाएं लगाने का भी इतिहास रहा है, जिनके कारण भारत को होने वाले कई अमेरिकी निर्यातों पर प्रतिबंध और रोक लगाई गई।
  • आगामी सप्ताहों में, अमेरिका और भारत इस समझौता ढांचे को शीघ्रता से लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में कार्य करेंगे, ताकि अमेरिकी श्रमिकों और व्यवसायों के लिए लाभ सुनिश्चित करने वाले एक पारस्परिक रूप से फ़ायदेमंद द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को पूरा किया जा सके।
  • बीटीए के लिए तय विचारार्थ विषयों में निर्धारित रोडमैप के अनुरूप, अमेरिका और भारत बाक़ी शुल्क बाधाओं, अतिरिक्त गैर-शुल्क बाधाओं, व्यापार में तकनीकी बाधाओं, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधाओं, अच्छी नियामक प्रथाओं, व्यापार सुरक्षा उपायों, सेवाएं और निवेश, बौद्धिक संपदा, श्रम, पर्यावरण, सरकारी खरीद, तथा सरकारी स्वामित्व वाले उद्यमों की व्यापार प्रवाह बिगाड़ने वाली या अनुचित प्रथाओं से निपटने के लिए वार्ताएं जारी रखेंगे।

अमेरिका को अनुचित व्यापार प्रथाओं से मुक्त करना: राष्ट्रपति ट्रंप ने इस धारणा को चुनौती दी है कि अमेरिकी श्रमिकों और व्यवसायों को उन अनुचित व्यापार प्रथाओं को सहन करना होगा, जिन्होंने दशकों से उन्हें नुक़सान पहुंचाया है और अमेरिका के ऐतिहासिक वैश्विक व्यापार घाटे में योगदान दिया है।

  • 2 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के बड़े और लगातार मौजूद वस्तु व्यापार घाटे के जवाब में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया था। यह घाटा द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में पारस्परिकता की कमी, अनुचित शुल्क एवं गैर-शुल्क बाधाओं तथा अमेरिकी व्यापार साझेदारों की उन आर्थिक नीतियों के कारण पैदा हुआ जो घरेलू मेहनताने और खपत को दबाती हैं।
  • राष्ट्रपति ट्रंप शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को हटाकर और कृषि क्षेत्र सहित अमेरिकी निर्यातकों के लिए बाजार तक पहुंच का विस्तार करके अमेरिकी जनता के हितों को आगे बढ़ाना जारी रखे हुए हैं।
  • आज की घोषणा भारत के साथ आगे बढ़ने का एक पक्का रास्ता दिखाती है, जो एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार के साथ संतुलित और पारस्परिक व्यापार को साकार करने की राष्ट्रपति की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

मूल स्रोत: https://www.whitehouse.gov/fact-sheets/2026/02/fact-sheet-the-united-states-and-india-announce-historic-trade-deal/

अस्वीकरण: यह अनुवाद शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेज़ी स्रोत को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।


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