Sunday, March 1, 2026

Déclaration du président Donald Trump à propos de la mort du guide suprême de l’Iran, Khamenei

Department of State United States of America

Traduction fournie par le département d'État des États-Unis à titre gracieux



La Maison-Blanche
Le 28 février 2026

Khamenei, l'une des personnes les plus maléfiques de l'histoire, est mort. Il ne s'agit pas seulement de justice pour le peuple iranien, mais aussi pour tous les Américains et de nombreuses personnes de plusieurs pays à travers le monde qui ont été tuées ou mutilées par Khamenei et sa bande de BANDITS sanguinaires. Il n'a pas pu échapper à nos systèmes de renseignement et de traçage hautement sophistiqués et, grâce à notre étroite collaboration avec Israël, ni lui ni les autres dirigeants qui ont été tués avec lui n'ont pu faire quoi que ce soit. Il s'agit d'une opportunité unique pour le peuple iranien, de reprendre possession de son pays. Nous entendons dire que de nombreux membres du Corps des gardiens de la révolution islamique, de l'armée et d'autres forces de sécurité et de police ne veulent plus se battre et souhaitent que nous leur accordions l'immunité. Comme je l'ai dit hier soir, « Maintenant, ils peuvent bénéficier de l'immunité, mais demain, ils n'auront plus que la mort ! » Espérons que le Corps des gardiens de la révolution islamique et la police fusionneront pacifiquement avec les patriotes iraniens et travailleront ensemble comme une seule et même entité pour redonner au pays la grandeur qu'il mérite. Ce processus devrait bientôt commencer, car non seulement Khamenei est mort, mais le pays a été, en une seule journée, très fortement détruit, voire anéanti. Les bombardements intensifs et précis se poursuivront toutefois sans interruption tout au long de la semaine ou aussi longtemps que nécessaire pour atteindre notre objectif de PAIX DANS TOUT LE MOYEN-ORIENT ET, EN FAIT, DANS LE MONDE ENTIER !

Je vous remercie de votre attention.


Voir le contenu d'origine :  https://truthsocial.com/@realDonaldTrump/posts/116150413051904167

Nous vous proposons cette traduction à titre gracieux. Seul le texte original en anglais fait foi.

 


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ईरान पर सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में राजदूत वॉल्ट्ज़ का अतिरिक्त वक्तव्य

Department of State United States of America

अनुवादअमेरिकी विदेश विभाग केसौजन्य से



संयुक्तराष्ट्र में अमेरिकी मिशन
राजदूत माइक वॉल्ट्ज़
संयुक्तराष्ट्र में अमेरिकी प्रतिनिधि
न्यूयॉर्क
फ़रवरी 28, 2026

धन्यवाद, अध्यक्ष महोदय। मैं ईरानी शासन के तथाकथित प्रतिनिधि को जवाब देने के अपने अधिकार का प्रयोग करना चाहूंगा।

अमेरिका इस बेतुके और सचमुच हास्यास्पद दावे को पूरी तरह ख़ारिज करता है कि अमेरिका की कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय क़ानून के असंगत हैं।

सैंतालीस वर्षों से ईरानी शासन "अमेरिका मुर्दाबाद" के नारे लगाता आया है। हर मौक़े पर, यहां तक कि अपनी संसद के प्रत्येक उद्घाटन सत्र में भी, उसने इज़रायल राष्ट्र को मिटाने का आह्वान किया है। उसने निरंतर ख़ून-ख़राबे और बड़े पैमाने पर हत्याओं का अभियान चलाया है। वह अमेरिका और इज़रायल को लक्षित करते हुए बिना किसी उकसावे के किए गए अनेक सशस्त्र हमलों, संयुक्तराष्ट्र चार्टर के उल्लंघन तथा पूरे मध्य पूर्व में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए ख़तरा पैदा करने के लिए उत्तरदायी है। उसने अमेरिका के राष्ट्रपति, राष्ट्रपति ट्रंप, की हत्या तक का प्रयास तक किया है। उसने यह सब केवल सीधे तौर पर ही नहीं, बल्कि अपने दुष्कृत्यों को छिपाने और ढकने के उद्देश्य से अपने प्रतिनिधि संगठनों के माध्यम से भी किया है – और ये सब करते हुए सार्वजनिक रूप से स्वयं को पीड़ित के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। ईरान की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियां सीधे तौर पर अमेरिका, हमारे सैनिकों, विदेशों में हमारे सैनिक ठिकानों, हमारे साझेदारों तथा विश्वभर में हमारे सहयोगी देशों की सुरक्षा को ख़तरे में डालती हैं।

अमेरिका ने ईरान के साथ इस संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का हरसंभव प्रयास किया, किन्तु ईरान ने उस अवसर का लाभ उठाने में नाकाम रहा। इसलिए इज़रायल सरकार के साथ घनिष्ठ समन्वय में, अमेरिका ने संयुक्तराष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के अनुरूप इन ख़तरों का सामना करने हेतु विधिसम्मत क़दम उठाए हैं।

और अध्यक्ष महोदय, अंत में मैं बस इतना कहना चाहूंगा, आप जानते हैं कि आज रात कौन शिकायत नहीं कर रहा है? आप जानते हैं कि कौन अंतरराष्ट्रीय क़ानून की बारीकियों का हवाला नहीं दे रहा है? आप जानते हैं कि दुनिया भर में सड़कों पर निकलकर कौन जश्न मना रहा है? ईरानी जनता।

अध्यक्ष महोदय, शायद, शायद संभव है कि वे अंततः आज़ाद हो सकेंगे। मैं आपका धन्यवाद करता हूं।

सच कहूं तो, मैं इस पर और प्रतिक्रिया देकर इसे गरिमा प्रदान करना नहीं चाहता, ख़ासकर जब यह प्रतिनिधि इस निकाय में बैठकर उस शासन का प्रतिनिधित्व कर रहा है जिसने अपने ही हज़ारों नागरिकों को मार डाला है और उनसे कहीं बड़ी संख्या में लोगों को सिर्फ़ इसलिए जेल में डाल दिया है क्योंकि वे इनके ज़ुल्म से आज़ादी चाहते थे। धन्यवाद, अध्यक्ष महोदय।


मूल स्रोत: https://usun.usmission.gov/additional-remarks-at-an-emergency-un-security-council-briefing-on-iran/

अस्वीकरण: यह अनुवाद शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेज़ी स्रोत को ही

आधिकारिक माना जाना चाहिए


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Заявление президента Дональда Трампа в связи со смертью верховного лидера Ирана Хаменеи

Department of State United States of America

Перевод предоставлен Государственным департаментом США



Хаменеи, один из самых гнусных злодеев в истории, мертв. Свершилось правосудие не только во имя народа Ирана, но и во имя всех замечательных американцев и тех людей из многих стран по всему миру, которые были убиты или искалечены Хаменеи и его бандой кровожадных ГОЛОВОРЕЗОВ. Он не смог скрыться от наших разведслужб и ультрасовременных систем слежения. Мы работали в тесном сотрудничестве с Израилем, и ни Хаменеи, ни другие лидеры, которые были убиты вместе с ним, ничего не смогли сделать. Это величайший шанс для иранского народа вернуть под свой контроль собственную страну. Мы получаем сообщения о том, что многие представители иранского Корпуса стражей исламской революции (КСИР), вооруженных сил и других сил безопасности и правоохранительных органов, больше не хотят воевать и надеются получить от нас неприкосновенность. Как я заявил вчера вечером, "сейчас они могут получить неприкосновенность, но позже их ждет только смерть!" Надеемся, что представители КСИР и полиции мирно объединятся с иранскими патриотами и будут работать вместе как единое целое в стремлении вернуть их стране то величие, которого она заслуживает. Этот процесс вскоре должен начаться не только из-за смерти Хаменеи, но и потому, что объекты иранского режима всего за один день были в значительной степени разрушены и даже уничтожены. Однако массированные и высокоточные бомбардировки будут продолжаться непрерывно в течение недели или столько, сколько потребуется для достижения нашей цели – установления МИРА НА ВСЕМ БЛИЖНЕМ ВОСТОКЕ И, В КОНЕЧНОМ ИТОГЕ, ПО ВСЕМУ МИРУ!

Спасибо за ваше внимание к этому вопросу.

ПРЕЗИДЕНТ ДОНАЛЬД  ТРАМП


Для просмотра оригинала: https://truthsocial.com/@realDonaldTrump/posts/116150413051904167https://www.whitehouse.gov/fact-sheets/2026/02/fact-sheet-the-united-states-and-india-announce-historic-trade-deal/

Этот перевод предоставляется для удобства пользователей, и только оригинальный английский текст следует считать официальным.


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ईरान पर सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में राजदूत वॉल्ट्ज़ का वक्तव्य

Department of State United States of America

अनुवादअमेरिकी विदेश विभाग केसौजन्य से



संयुक्तराष्ट्र में अमेरिकी मिशन
राजदूत माइक वॉल्ट्ज़
संयुक्तराष्ट्र में अमेरिकी प्रतिनिधि
न्यूयॉर्क
फ़रवरी 28, 2026

धन्यवाद। माननीय प्रतिनिधिगण, यह इतिहास का वो क्षण है जो नैतिक स्पष्टता की अपेक्षा करता है, और राष्ट्रपति ट्रंप ने यही किया है।

किसी भी संप्रभु सरकार का सबसे बुनियादी दायित्व अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।

ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी इन विशिष्ट और सामरिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए चलाया जा रहा है: उन मिसाइल क्षमताओं को निष्क्रिय करना जो हमारे सहयोगी देशों के लिए ख़तरा हैं; अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र को अस्थिर करने के लिए प्रयुक्त नौसैनिक संसाधनों को कमज़ोर करना; तथा उन तंत्रों को बाधित करना जो शासन से जुड़े हथियारबंद समूहों को शस्त्र प्रदान करते हैं, और यह सुनिश्चित करना कि ईरानी शासन कभी भी दुनिया को परमाणु हथियार से धमका न सके।

जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कल रात कहा, दशकों से ईरानी शासन ने जानबूझकर दुनिया को अस्थिर किया है। उसने अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों की हत्या की है, क्षेत्रीय सहयोगियों को धमकाया है, और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा को संकट में डाला है, जिस पर दुनिया निर्भर करती है। हिंसक प्रतिनिधि संगठनों – घोषित आतंकवादी संगठनों – हूती, हिज़बुल्ला, हमास और अन्य – को उसके व्यापक समर्थन के कारण मध्य पूर्व में लंबे समय तक ख़ून-ख़राबे और अव्यवस्था की स्थिति रही है। यह कोई अटकलबाज़ी नहीं है; हम जानते हैं कि यह सच है और हमारे पुरुषों और महिलाओं ने इस सरकार और आईआरजीसी के कृत्यों की क़ीमत अपनी जान देकर चुकाई है।

कोई भी ज़िम्मेदार राष्ट्र निरंतर जारी आक्रामकता और हिंसा की अनदेखी नहीं कर सकता।

तेहरान स्थित शासन ने ऐसे हमलों का नेतृत्व किया है जिनमें अमेरिकी नागरिकों की जान गई है – लेबनान में सैकड़ों अमेरिकी मरीन और इराक़ में हज़ारों सैनिक मारे गए; एक के बाद एक अमेरिकी बंधकों को पीड़ा सहनी पड़ी; और लाल सागर में हमारे जहाज़ों पर दर्जनों बार हमले किए गए। ईरान ने उन उग्रवादी संगठनों को हथियार और पैसे मुहैय्या कराए जो वैध सरकारों को कमज़ोर करते हैं और पहले से ही नाज़ुक क्षेत्र को अस्थिर करते हैं।

उन्नत मिसाइल क्षमताओं के लिए ईरान का निरंतर प्रयास, तथा कूटनीतिक अवसरों के बावजूद परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़ने से उसका इनकार, एक गंभीर और निरंतर बढ़ते ख़तरे का संकेत देता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लंबे समय से एक सरल और ज़रूरी सिद्धांत पर ज़ोर देता आया है: ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दिया जा सकता। यह सिद्धांत राजनीति का विषय नहीं है; यह वैश्विक सुरक्षा का सवाल है। और इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए, अमेरिका विधिसम्मत कदम उठा रहा है।

यह निकाय – संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद – इस ख़तरे के संबंध में बार-बार कार्रवाई कर चुका है। बीस वर्ष पूर्व, वर्ष 2006 में गी, प्रस्ताव 1696 ने ईरान से यूरेनियम संवर्धन और पुनर्प्रसंस्करण से जुड़ी सभी गतिविधियों को निलंबित करने की मांग की थी। यह संयुक्तराष्ट्र चार्टर के अध्याय सात के अंतर्गत पारित एक क़ानूनन बाध्यकारी प्रस्ताव था। जब ईरान ने उसका पालन नहीं किया, तब परिषद – यही परिषद – ने प्रस्ताव 1737 पारित किया, जिसके अंतर्गत अनिवार्य प्रतिबंध लगाए गए, जिनमें परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी सामग्री और प्रौद्योगिकी पर प्रतिबंध, उसके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों और संस्थाओं की संपत्तियों को फ़्रीज़ करना, तथा एक प्रतिबंध समिति की स्थापना शामिल थी।

बाद के प्रस्तावों – वर्ष 2007 का प्रस्ताव 1747, जिसने हथियार प्रतिबंधों और संपत्ति फ़्रीज़ करने की कार्रवाइयों का विस्तार किया; वर्ष 2008 का प्रस्ताव 1803, जिसने दोहर उपयोग वाली वस्तुओं पर प्रतिबंधों को कठोर बनाया और ईरानी मालवाहक जहाज़ों की जांच का आह्वान किया; वर्ष 2008 का प्रस्ताव 1835, जिसने पूर्ण अनुपालन की आवश्यकता की फिर से पुष्टि की; तथा वर्ष 2010 का प्रस्ताव 1929, जो सबसे व्यापक था और जिसने बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया, पारंपरिक हथियार प्रतिबंधों को कड़ा किया, आईआरजीसी (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) और शिपिंग लाइनों को लक्षित किया, तथा ईरान के साथ नए बैंकिंग संबंधों पर रोक लगाई – इन सारे क़दमों ने मिलकर ईरान की परमाणु और मिसाइल महत्वाकांक्षाओं को सीमित करने हेतु एक सुदृढ़ बहुपक्षीय ढांचा निर्मित किया।

ये उपाय, जो एक बार फिर अध्याय सात के तहत अपनाए गए थे, इस बात पर दुनिया की सामूहिक सहमति को दिखाते हैं कि ईरान की गतिविधियों से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को ख़तरा था।

और एक वैकल्पिक मार्ग के लिए अनेक अवसर प्रदान किए जाने के बावजूद ईरान अपनी बात पर अड़ा रहा। परिणामस्वरूप, सुरक्षा परिषद ने पिछले सा, 19 सितंबर 2025 को, इन उपायों यानि स्नैपबैक प्रतिबंधों को दोबारा लागू करने का निर्णय लिया, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि विश्व समुदाय धमकियों और आधे-अधूरे क़दमों को  नहीं मानेगा, और तेहरान को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

संयुक्तराष्ट्र की इन कार्रवाइयों के अतिरिक्त, अमेरिकी कूटनीति के ज़रिए भी बार-बार और नेकनीयती से कोशिश की गई। राष्ट्रपति ट्रंप, विदेश मंत्री रूबियो, तथा हमारे विशेष दूतों – विटकॉफ़ और कुशनर – ने कूटनीतिक समाधान के लिए निरंतर प्रयास किया। लेकिन जहां आक्रामकता समाप्त करने की वास्तविक इच्छा न हो, और जहां शांति के लिए कोई सच्चा साझेदार उपलब्ध न हो, वहां कूटनीति सफल नहीं हो सकती।

जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने आज कहा, और सीधे ईरान की जनता को संबोधित करते हुए कहा, "ईरान के महान और गौरवशाली नागरिकों, आज रात मुझे आपकी आज़ादी का क्षण बिल्कुल क़रीब दिख रहा है।" पूरी दुनिया ने इस शासन द्वारा निर्दोष नागरिकों के व्यापक नरसंहार को देखा है। दुखद विडंबना यह है कि यही शासन आज हमें मानवाधिकारों और क़ानून के शासन पर उपदेश देने का प्रयास करेगा। इस परिषद में उसकी उपस्थिति इस संस्था का उपहास प्रतीत होती है।

लेकिन जहां संयुक्तराष्ट्र नैतिक स्पष्टता प्रदर्शित नहीं कर पा रहा, अमेरिका उसे क़ायम रखेगा।

ईरानी शासन द्वारा आज हमारे क्षेत्रीय साझेदारों – कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, क़तर, जॉर्डन, सऊदी अरब और अन्य – पर अंधाधुंध और बिना उकसावे के किए गए हमले इस बात को और अधिक पुष्ट करते हैं कि ऐसे क़दम क्यों आवश्यक हैं। इस शासन ने केवल सैन्य परिसंपत्तियों को ही नहीं, बल्कि नागरिक अवसंरचना को भी निशाना बनाया है। जो हमारे साथ खड़े हैं, उन्हें यह ज्ञात होना चाहिए कि उनकी सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारे सहयोगी देशों की सुरक्षा किसी शर्त पर आधारित नहीं है; वो सुनिश्चित है। स्पष्ट शब्दों में कहें तो, साथियों, हमारे सहयोगी देश और साझेदार अमेरिका पर तथा राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं।

साथियों, शांति उन लोगों को तुष्ट करने से नहीं क़ायम रहती जो इसके लिए ख़तरा हैं। शांति आतंक के समक्ष ताक़त दिखाने से क़ायम रहती है।

इतिहास ने हमें सिखाया है कि निष्क्रियता की क़ीमत, निर्णायक कार्रवाई के बोझ से कहीं अधिक होती है। और हमारे राष्ट्रपति, राष्ट्रपति ट्रंप ने आज वही निर्णायक क़दम उठाया है।

मैं आप सभी का धन्यवाद करता हूं।


मूल स्रोत: https://usun.usmission.gov/remarks-at-an-emergency-un-security-council-briefing-on-iran/

अस्वीकरण: यह अनुवाद शिष्टाचार के रूप में प्रदान किया गया है और केवल मूल अंग्रेज़ी स्रोत को ही

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